Chalisa मां चामुण्डा चालीसा BySuriyal Chalisa 0 Comments मां चामुण्डा चालीसा ॥ दोहा ॥ नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड । दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ ॥ मधु केटभ…