Chalisa मां अन्नपूर्णा चालीसा BySuriyal Chalisa 0 Comments मां अन्नपूर्णा चालीसा ॥ दोहा॥ विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय । अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय । नित्य आनंद करिणी माता, वर…